सरकार का तर्क है कि राज्य की सड़कों की रखरखाव ट्रैफिक प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए यह कदम जरूरी जरूरी है।
लेकिन इस फैसले का असर अब पड़ोसी राज्य पंजाब में भी दिखाई देने लगा है जहां सरकार हिमाचल के पंजीकृत वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाने की तैयारी कर रहा है।
दरअसल हिमाचल प्रदेश में हर साल लाखों वहां पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ से आते हैं पर्यटन सीजन में यह संख्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है ऐसे में हिमाचल सरकार का कहना है कि बाहरी राज्यों से राज्य की सड़कों पर दबाव पड़ता है और रखाव पर भी भारी खर्च होता है
इसी वजह से सरकार ने एंट्री फीस बढ़ाने का फैसला लिया नहीं व्यवस्था के तहत निजी करो और लाइट मोटर व्हीकल पर पहले जहां ₹70 फीस ली जाती थी अब इसको पढ़कर ज्यादा करने की योजना बनाई गई है।
हिमाचल सरकार की इस फैसले की बात पंजाब में भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है पंजाब की कई नेताओं और अधिकारियों का मानना है कि अगर हिमाचल दूसरे राज्य की वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क लगता है तो पंजाब को भी अपने हितों की रक्षा के लिए ऐसा कदम उठाने का अधिकार है।
इसी वजह से अब पंजाब सरकार हिमाचल की पंजीकृत वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाने की संभावना पर विचार कर रही है।
अगर पंजाब सरकारी ऑफिस फैसला लागू करती है तो इसका सीधा असर उन हजारों लोगों पर पड़ेगा जो रोजमर्रा के काम व्यापार पढ़ाई या पर्यटन के लिए दोनों राज्यों के बीच यात्रा करते हैं खासकर हिमाचल के सीमावर्ती जिला जैसे उन्ना कांगड़ा और सोलन के लोगों का पंजाब से काफी गहरा जुड़ाव है।
बहुत से लोग रोजाना नौकरी या व्यापार के लिए पंजाब जाते हैं ऐसे में एंट्री टैक्स लागू होने से उनकी जेब पर अतिरिक्त भोज पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों राज्य के बीच इस तरह की टैक्स लागू होते हैं तो इसे आम लोगों और व्यापारियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी इसका असर पड़ सकता है क्योंकि ट्रैकों और मालवा को वाहनों के लिए अतिरिक्त टैक्स का मतलब बड़ा हुआ कर्ज इसका असर अत्यंत सम्मान की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
हालांकि अभी तक पंजाब सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया लेकिन जिस तरह से हिमाचल की फैसले के जवाब में यह चर्चा शुरू हुई है उसे साफ है कि आने वाले समय में यह मामला गरमा सकता है आप दोनों राज्य के बीच बेहतर समय और बातचीत के जरिए ही इस तरह के विवादों का समाधान संभव है ताकि आप जनता की यह किसी भी तरह का परेशानी ना हो।
फिलहाल लोगों की नजरे इस बात पर टिकी है कि पंजाब सरकार इस मुद्दे पर क्या फैसला लेती है अगर एंट्री टैक्स लागू होता है तो हिमाचल में पंजाब के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है वही सरकारों के लिए भी जवाब संतुलन बनाना जरूरी होगा कि राजस्व बढ़ाने के लिए संसद आम लोगों की सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर ना पड़े ।
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