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Planning to buy a home | 😱 Home Buying Guide: 90% लोग करते हैं ये बड़ी गलती, आप मत करना!

घर खरीदने की प्लानिंग एक सही निर्णय पूरी गाइड हिंदी में। 💰 कम बजट में घर खरीदने का सीक्रेट – जानिए पूरा प्लान!


घर खरीदना हर इंसान के जीवन का एक बड़ा सपना होता है यह सिर्फ एक प्रॉपर्टी नहीं बल्कि सुरक्षा स्थिरता और भविष्य की नहीं होती है लेकिन बिना सही योजना के यहां लिया गया फैसला आपको आर्थिक तनाव का कारण भी बन सकता है इसलिए घर खरीदने से पहले हर पहलू को समझना बेहद जरूरी है। 

Planning to buy a home
Planning to buy a home



आज के इस ब्लॉग में हम आपको स्टेप बाय स्टेप पूरी जानकारी देंगे की आपको कब घर खरीदना चाहिए और उसके लिए कितना रन लेना चाहिए और आपकी सैलरी का कितना हिस्सा आपका लोन में हर महीने जाना चाहिए यह एक समझदारी द्वारा निर्णय है इससे आपको ध्यानपूर्वक लेना होता है ताकि भविष्य में आपके बजट पर कोई ज्यादा प्रभाव न पड़े। 

 1 बजट और फाइनेंशियल पिटिंग 


घर खरीदने की शुरुआत हमेशा बजट से होती है सबसे पहले अपनी मासिक आय खर्च और बचत का सही आकलन करें केवल एमी को ध्यान में रखना पर्याप्त नहीं होता है आपको इन खर्चों को भी शामिल करना चाहिए जिस्म की निम्नलिखित खर्च शामिल है। 

डाउन पेमेंट आमतौर पर 10 से 20% जब भी आप कोई घर खरीदने हैं और उसके लिए अपना बजट बनाते हैं तो उसे घर की कुल कीमत का 10 से 20% आपको पहले ही एडवांस में पे करना होता है। 

स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस - 

इसके बाद बारी आती है स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस जिस्म की आपके अधिक पैसे खर्च हो जाते हैं और उसको आपको सर पे करना होता है शुरू में ही उसको देखते हुए भी आपको अपना घर और बजट बनाना चाहिए। 

इंटीरियर और फिनिशिंग खर्च- 

जब भी आप कोई नया घर लेते हैं अगर उसमें पहले से कोई सामान नहीं है तो आपका घर में फर्नीचर का खर्च भी आएगा और आपके घर अपने तरीके से सजना होता है उसके लिए इंटीरियर का खर्च भी आएगा जिसके लिए आपको एक अलग से बजट तैयार करना होगा क्योंकि जब भी आप एक कोई खाली कर लेते हैं तो उसे बहुत सारी चीज लगती है तभी वह एक प्रॉपर घर बन पाता है जिसमें आपके लाखों रुपए खर्च हो सकते हैं तो इसके लिए भी आप पहले से तैयार रहेंगे कि जब भी आप घर बनाएंगे तो उसके लिए कुछ एक्स्ट्रा फंड रखें जो आपका इंटीरियर और फिनिशिंग में खर्च होनेवाला है। 

मेंटेनेंस और समिति चार्ज- 

जब भी आप नया घर लेते हैं तो उसे मेंटेनेंस और समिति चार्ज भी आपको देना पड़ता है तो उसके लिए भी आप पहले ही प्लानिंग कर ले ताकि आपको बाद में अफसोस ना हो कि यह तो एक्स्ट्रा खर्च में आ गया इसलिए यह चार्ज भी लगते हैं जिसके लिए आपको गलत से अमाउंट रखना पड़ता है। 

एक सुरक्षित नियम यह है कि आपकी ईएमआई आपकी मासिक आय का 30 से 40% से ज्यादा नहीं होना चाहिए इसे आप आर्थिक दबाव से बच सकते हैं। 

2 सही लोकेशन का चुनाव 


जब भी आप कोई नया घर लेने की प्लानिंग करते हैं तो सबसे पहले एक सही लोकेशन का चुनाव करें आजकल घर के प्रिंस आसमान छू रहे हैं अगर तो आप अच्छी लोकेशन में प्राइम जगह पर कर लेते हैं उसके प्राइस और भी ऊंचे होते हैं इसलिए आपको सबसे पहले अपने बजट के अनुसार एक अच्छी लोकेशन देखनी होती है जहां अपने सपनों का घर खरीद सकें इसमें भी आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होता है ताकि आपको अपने घर के आसपास ही निम्नलिखित सुख सुविधा मिल जाए ।

स्कूल अस्पताल और बाजार की दूरी- आपको ऐसी जगह में घर देखना चाहिए जहां से स्कूल अस्पताल और बाजार ज्यादा दूर ना हो ताकि आपको हमेशा सुविधा रहे कि आपके बच्चे का स्कूल पास में हो इमरजेंसी के लिए अस्पताल पास में हो आप कोई भी शॉपिंग करनी है उसके लिए बाजार भी आसपास में हो जो आपके लिए सुविधाजनक रहेगा। 

ऑफिस तक का पहुंचने का समय- इसके बाद आपको देखना होता है कि वह आपके ऑफिस से भी नजदीक हो ताकि आपको ऑफिस आने-जाने में ज्यादा समय ना लगे ज्यादातर आजकल देखा जाता है जिनके घर उनके ऑफिस से दूर होते हैं तो उनको आने-जाने में ही डेढ़ 2 घंटे लग जाते हैं जिससे कि उनके दिन में 3 घंटे ऐसे ही चले जाते हैं यह समय आप अपने परिवार के लिए दे सकते हैं अगर आपका ऑफिस आपके घर से नजदीक हो तो हमेशा एक ऐसा घर देखे जो आपके ऑफिस से लगभग 30 मिनट की दूरी पर ही हो ।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा - ध्यान रखें आप जिस समिति में जिस लोकेशन पर अपना घर लेते हैं वहां के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा आसानी से हो ताकि आपका घर परिवार स्वयं भी घर से बाहर जा सके हमेशा यही तो नहीं हो सकता कि आप उनको गाड़ी से छोड़ने और लेने जा सके इसलिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का होना बहुत ही आवश्यकहै। 

इलाके की सुरक्षा और भविष्य काविकास- इसके बाद बात आती है इलाके की सुरक्षा और भविष्य में उसे जगह का विकास अगर आप किसी नई जगह पर घर ले रहे हैं तो वह इलाका सुरक्षित होना चाहिए और भविष्य में उसे इलाके का विकास होना चाहिए ताकि वह आने वाले समय में एक अच्छी लोकेशन बन पाए इसलिए इन सब बातों का ध्यान भी कर लेने से पहले जरूर रखना चाहिए ।

एक और पॉइंट अगर आप निवेश के लिए घर खरीद रहे हैं यानी कि आज आप पैसा इन्वेस्टमेंट घर में कर रहे हैं और आने वाले कुछ सालों में अगर उसे जगह की वैल्यू बढ़ जाती है तो आपके घर का प्राइस भी बढ़ता है ऐसे में भी आप एक सही जगह का चुनाव करें जहां पर भविष्य में अच्छा विकास हो और प्रॉपर्टी के दाम बढ़ाने की उच्च संभावना हो ।

3 होम लोन और ब्याज दरी समझे 


बात करते हैं होम लोन की उसे पर लगने वाले ब्याज की आज के समय में ज्यादातर लोग होम लोन पर ही कर खरीदने हैं इसलिए सही बैंक का चुनाव करना भी बहुत जरूरी हो जाता है क्यों आपको कम से कम ब्याज दर पर होम लोन दे आजकल तो बहुत से प्राइवेट सेक्टर भी लोन देते हैं इसमें किसी स्मॉल फाइनेंस कंपनियों से लेकर सरकारी बैंक और प्राइवेट बैंकआते हैं। 

लोन लेने से पहले आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए 


1 फिक्स और फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट का अंतर समझे 
2 अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करें 
3 प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज को ध्यान में रखें 

इन सब बातों का ध्यान रखें अपने डॉक्यूमेंट ध्यानपूर्वक पड़े उसके बाद ही लोन ले कई बार कुछ सत्य ऐसी होती है जो कि छोटे-छोटे अक्षरों में लिखी गई होती है लेकिन बाद में वह आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है इसलिए पहले ही सारे डॉक्यूमेंट ध्यान पूर्वक पड़े उसके बाद ही लोन को फाइनलाइज करें। 

अब कल आपका सिविल स्कोर जितना अच्छा होगा आपको उतनी ही कम ब्याज पर लोन मिल जाता है इसलिए हमेशा अपना सिविल स्कोर अच्छा बना रखे आप क्रेडिट कार्ड से कोई भी बिलिंग करते हैं उसका भुगतान समय रहते करें अगर आपका कोई दूसरा लोन चला है तो उसकी एमी को टाइम से भरते रहे इससे आपका सिविल स्कोर अच्छा बना रहता है और आपको हमेशा कम ब्याज दर पर होम लोन मिलेगा। 

4 कानूनी जांच लीगल वेरिफिकेशन 


बात करते हैं कानूनी जांच की होम लोन लेने से पहले और किसी भी नए घर को खरीदने से पहले आपको लीगल वेरिफिकेशन जरूरी करवानी होती है की जो घर आप ले रहे हैं जो प्रॉपर्टी आप ले रहे हैं वह किसी कानूनी विवाद में तो नहीं है या जो उसे प्रॉपर्टी वाला जो एरिया है जिस पर वह बिल्डिंग बन रही है वह किसी कानूनी कोर्ट कचहरी में तो नहीं है यह सब चीजों की आपको पहले ही तहकीकात करनी होती है ताकि भविष्य में आपके साथ कोई अनहोनी ना हो। 

जांच करने वाले मुख्य दस्तावेज 


* टाइटल डेट ओनरशिप प्रूफ 
* बिल्डिंग अप्रूवल और नक्शा 
* आर ए आर ए रजिस्ट्रेशन 
* भूमि की वैधता 

अगर जरूरत पड़े तो आप किसी अनुभवी वकील से पहले सलाह ले सकते हैं और सभी डाक्यूमेंट्स की जांच करवा सकते हैं और वह आपको सही सलाह भी दे सकते हैं पूरी वेरिफिकेशन करके। 

5 नया घर v/s पुराना घर रीसेल प्रॉपर्टी 


घर खरीदने समय आपको यह निर्णय भी लेना होगा कि नया घर ले या पुराना घर ले बहुत बार ऐसा होता है कोई व्यक्ति अपना पुराना फ्लैट या घर बेच रहा होता है जो नई समिति में ही होता है जिसको बने हुए एक तो साली होते हैं और वह आपको अच्छे दाम पर मिल जाता है तो यह फैसला आपको लेना होता है कि आपको नया घर लेना है या कोई पुराना घर लेना है जो कुछ साल पहले बनाओ जिसमें कोई एक तो फैमिली पहले रह चुकी है तो यह नींद भी आपको लेना होता है। 

नया घर | new property 


1 आधुनिक सुविधाएं 
2 काम मेंटेनेंस 
3 ज्यादा कीमत 

पुराना घर  | Resale property 


1 बेहतर लोकेशन मिल सकती है 
2 कीमत थोड़ी काम भी हो सकती है 
3 मेंटेनेंस ठीक थाक़  हो सकती है 

यह आप अपनी जरूरत और अपने बजट और अपने उद्देश्य के अनुसार अपना विकल्प चुन सकते हैं की आपको नया घर लेना चाहिए या रीसेल प्रॉपर्टी लेनी चाहिए इसका फैसला आप अपने परिवार के साथ में जुड़ कर ले आपके लिए और भी ज्यादा अच्छा हो सकता है। 

6 टैक्स बेनिफिट और सरकारी योजनाएं 


बात करते हैं टैक्स बेनिफिट और सरकारी योजनाओं की घर खरीदते समय सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का फायदा उठाना चाहिए जिस्म की आपको बहुत सारे टैक्स बेनिफिट भी मिल जाती है होम लोन पर टैक्स छूट क्षेत्र 80c क्षेत्र 24 में है आप इस क्षेत्र का फायदा उठाकर टैक्स में छूट पा सकते हैं अगर आपने होम लोन लिया हुआ है 

भारत सरकार की योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी आपके घर मिल सकता है अगर आप उसे क्राइटेरिया में आते हैं जो कि इस योजना को पाने के लिए जरूरी है 

यह सारी सुविधाएं आपकी कुल खर्च को काफी कम कर सकती है जिसका की आपको लाभ उठाना चाहिए। 

7 जल्दबाजी से बच्चे और अच्छी रिसर्च करें 


घर खरीदना एक बड़ा निवेश होता है इसलिए जल्दबाजी में कोई भी फैसला ना ले यह एक ऐसा निर्णय होता है जो जिंदगी में एक दो बार ही लिया जाता है इसमें आपकी सारी जिंदगी की कमाई लगती है इसलिए जब भी आप घर ले सोच समझ कर और पूरी तरह रिसर्च करने के बाद ही अपने लिए सही घर का चुनाव करें जिस्म की सही लोकेशन का होना जरूरी है आप अपने नीचे भी कर ले हर चीज को परख कर ही अपने लिए प्रॉपर्टी खरीदें। 

1 अलग-अलग प्रॉपर्टी की तुलना करें उसके बाद ही कोई फैसला ले 

2 बिल्डर की विश्वसनीयता जांच और उसके पास रिकॉर्ड को भी खंगाले ।

3 बिल्डर के रिव्यू और फीडबैक देखें 

4 सही रिसर्च आपको गलत फैसले से बचाती है और आपके पैसे को बचाती है। 

निष्कर्ष 


घर खरीदना एक भावात्मक और आर्थिक दोनों तरह का निर्णय सही प्लानिंग सही जानकारी और तेरे के साथ लिया गया फैसला आपके जीवन को सुरक्षित और कुशल बन सकता है याद रखें आपका घर सिर्फ एक बिल्डिंग नहीं बल्कि आपके सपनों का आधार होता है जिसमें कि आपका परिवार आपके बच्चे आने वाले बहुत सारे वर्षों तक उसे घर में रहने वाले हैं जिसमें कि आपकी जिंदगी की आधी आधी बनती है आपके परिवार की यादें बनती है आपके बच्चों का भविष्य बनता है इसलिए एक घर का चुनाव करना बहुत ही जरूरी और महत्वपूर्ण हो जाता है इसलिए घर खरीदने से पहले ऊपर दी गई सारी बातों को जांच पर के उसके बाद ही अपने लिए एक बेहतर घर ले धन्यवाद 



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